Thursday, 24 September 2020

देशभर के शिक्षक है परेशान राजस्थान के एनएच 28 पर शिक्षकों ने जाम कर जबरदस्त आगजनी किया

देशभर के शिक्षक है परेशान राजस्थान के एनएच 28 पर शिक्षकों ने जाम कर जबरदस्त आगजनी किया!



बिहार के शिक्षक सेवा शर्त सुधार की मांग कर रहे हैं अलग अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं

उत्तर प्रदेश के 4000 उर्दू शिक्षक राष्ट्रपति मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री और कोर्ट का चक्कर लगाकर मायूस नौकरी का इंतजार कर रहे हैं

 राजस्थान में शिक्षक एनएच 28 को जाम कर जबरदस्त आगजनी कर रहे

 झारखंड में शिक्षक 8000 वेतन पाने के लिए मजबूर हो रहे हैं


राजस्थान में शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने डूंगरपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 8 को जाम कर दिया है। आंदोलनकारी वर्ष 2018 से शिक्षकों के लिए रिक्त अनारक्षित पदों पर आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों की भर्ती की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने फिलहाल किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं लिया है। इस बीच आंदोलनकारियों को नियंत्रण में लाने के लिए मौजूद पुलिस पर कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। आंदालनकारियों ने पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। हालात बिगड़ने लगे तो पुलिस को वहां से पीछे हटना पड़ा।
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 में जनजाति क्षेत्र में रिक्त रही सामान्य वर्ग के पदों को जनजाति अभ्यार्थियों से भरे जाने की मांग को लेकर पिछले आदिवासी अठारह दिन से धरना दे रहे हैं।
राजस्थान में शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने डूंगरपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 8 को जाम कर दिया है। आंदोलनकारी वर्ष 2018 से शिक्षकों के लिए रिक्त अनारक्षित पदों पर आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों की भर्ती की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने फिलहाल किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं लिया है। इस बीच आंदोलनकारियों को नियंत्रण में लाने के लिए मौजूद पुलिस पर कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। आंदालनकारियों ने पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। हालात बिगड़ने लगे तो पुलिस को वहां से पीछे हटना पड़ा।
तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 में जनजाति क्षेत्र में रिक्त रही सामान्य वर्ग के पदों को जनजाति अभ्यार्थियों से भरे जाने की मांग को लेकर पिछले आदिवासी अठारह दिन से धरना दे रहे हैं।

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद यूपी में नहीं हो सका उर्दू शिक्षकों की भर्ती! राष्ट्रपति को लिखा पत्र तो मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री से मिल चुके हैं अभ्यर्थी

  हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद यूपी में नहीं हो सका उर्दू शिक्षकों की भर्ती! राष्ट्रपति को लिखा पत्र तो मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री  से मिल चुके हैं अभ्यर्थी!


जब से भारत में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है एक कम्युनिटी के लोगों को बार-बार टॉर्चर किया जा रहा है जब के उस कम्युनिटी के लोग संविधान और भारतीय अखंडता की बात कर रहे हैं शाहीन बाग से लेकर के उत्तर प्रदेश के शिक्षक बहाली तक साफ-साफ भेदभाव दिखता नजर आ रहा है शाहीन बाग प्रोटेस्ट में सभी शामिल होने वाले लोगों को दिल्ली दंगा में शामिल होने का दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस के द्वारा चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है वहीं सन 2016 से अध्यापक बहाली में 4000 उर्दू  शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जा चुकी थी लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार आते हैं उसको जांच के नाम पर रोक रखा बार-बार अभ्यर्थियों को घुमाते रहे उसके बाद राष्ट्रपति मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री से अभ्यर्थियों ने मिला लेकिन काम नहीं बना, आखिरकार अभ्यार्थी हाईकोर्ट का सहारा लिया लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक उर्दू शिक्षकों की बहाली नहीं हुई है

 यहां तक के 4000 ऊर्दू पद  को  ही समाप्त  कर दिया गया है बहाना बनाते हुए की बच्चों की संख्या के हिसाब से शिक्षकों की संख्या अधिक है इसलिए अभी बहाली नहीं किया जा सकता है यह उर्दू भाषा के साथ अन्याय और धोखा है

ज्ञात हो की 15 दिसंब, 2016 को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली गई. ये भर्ती 12460 सहायक अध्यापक और 4000 उर्दू शिक्षकों के लिए निकाली गई थी. फॉर्म भर दिया गया. मेरिट भी बन गई. 22 मार्च, 2017 से काउंसलिंग भी शुरू हो गई. इसी बीच उत्तर प्रदेश  में योगी आदित्यनाथ की सरकार आती है. नई सरकार इस भर्ती को अगले आदेश तक के लिए रोक देती है.

साढ़े तीन साल से ज्यादा का समय बीत चुका है. अब तक ये भर्ती वहीं पर रुकी है.

2017 के विधानसभा चुनाव में भर्तियों में धांधली का मुद्दा प्रमुख था. यही वजह थी कि नई सरकार ने आते ही सारी भर्तियों पर समीक्षा के नाम पर रोक लगा दी. जब दो महीने तक भर्ती प्रक्रिया से रोक नहीं हटाई गई तो 4000 उर्दू शिक्षक भर्ती में शामिल अभ्यर्थी मई 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास और जुलाई में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के पास गए और भर्ती को शुरू करने की मांग की. अंत में भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट की शरण ली. 12 अप्रैल, 2018 को हाईकोर्ट ने सरकार को 2 महीने के भीतर भर्ती को पूरा करने का आदेश दिया. हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार ने उर्दू शिक्षकों की भर्ती में दिलचस्पी नहीं दिखाई. जबकि 12460 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया.

10 अगस्त, 2018 को कोर्ट ने अधिकारियों को फटकार लगाई. इसके बाद 18 अगस्त, 2018 को सरकार  ने एक लेटर जारी कर 4000 उर्दू शिक्षकों की भर्ती को निरस्त कर दिया. इस लेटर में कहा गया, इस समय सरकारी प्राइमरी स्कूलों में मानक से बहुत अधिक संख्या में उर्दू शिक्षक कार्यरत हैं. जिसकी वजह से अब और उर्दू शिक्षकों की आवश्यकता नहीं है. भर्ती प्रक्रिया में शामिल टीचर कोर्ट कचहरी से लेकर नेताओं तक के चक्कर काट रहे हैं. सोशल मीडिया (Media) पर कैम्पेन चला रहे हैं. मुख्यमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक को लेटर लिखकर भर्ती पूरी करने के लिए कह रहे हैं. लेकिन सरकार टस से मस नहीं हो रही.




Wednesday, 23 September 2020

مسئلہ کشمیر کا حل ہونا جنوبی ایشیا کلئے اہم طیب اردغان،آپسی مذکرات سے مسئلے کا حل ہو سکتا ہے!

     مسئلہ کشمیر کا حل ہونا جنوبی ایشیا کلئے اہم طیب اردغان،آپسی مذکرات سے مسئلے کا حل ہو سکتا ہے!


   اقوام متحدہ کی جنرل اسمبلی کے 75 ویں اجلاس سے خطاب ، گزشتہ سال 5 اگست کو اُٹھائے گئے حکومت ِ ہند کے اقدامات کا حوالہ اردوغان نے کہا کہمسئلہ کشمیر کا حل جنوبی ایشیا کے امن و استحکام کیلئے اہم ہے مسئلہ کشمیر کیلئے اردغان نے کئی بار اپنی رائے کا اظہار کیا ہے ابھی حال ہی میں اردغان  اس حرکت سے بعض آنے کے لئے بھارت انہیں متنبہ کیا تھا کہ بھارت اندرونی معاملوں داخل اندازی قطعی نا کریں انہوں نے مزید یہ بھی کہا کہ کسی بھی انسان کو قید میں رکھنا انسانی حقوق کی خلاف ورزی ہے اس مسئلہ کو آپسی مذکرات سے حل کرنا چاہیے، طیب اردغان نے کشمیر کو 'حل طلب مسئلہ' قرار دیتے ہوئے اسے جنوبی ایشیا کے امن و استحکام کے لیے اہم قرار دیا ہے۔ترک صدر نے اقوام متحدہ کی جنرل اسمبلی کے 75ویں اجلاس سے خطاب کرتے ہوئے کہا کہ مسئلہ کشمیر جنوبی ایشیا کے استحکام اور امن کے لیے کلیدی حیثیت رکھتا ہے لیکن اسے آج تک حل نہیں کیا جا سکا۔انہوں نے گزشتہ سال ہندوستان کی جانب سے 5اگست کو اٹھائے گئے اقدامات کا حوالہ دیتے ہوئے کہا کہ جموں و کشمیر کی خصوصی حیثیت کے خاتمے کے بعد اٹھائے گئے اقدامات نے اس مسئلے کو پیچیدہ بنادیا ہے۔ترک صدر نے کہا کہ ہم اس مسئلے کو مذاکرات کے ذریعے حل کرنے کے حق میں ہیں اور اس مسئلے کو اقوام متحدہ کی قراردادوں اور خصوصاً کشمیری عوام کی خواہشات کے مطابق حل کرنے کی ضرورت ہے۔اقوام متحدہ کی جنرل اسمبلی کا 75واں اجلاس اس لحاظ سے انفرادیت کا حامل ہے کہ اس اجلاس میں عالمی رہنمایانہ ہدایت پر خود شرکت کرنے کے بجائے کورونا وائرس کی وجہ سے آن لائن خطاب کررہے ہیں۔رجب طیب اردغان نے کہا کہ نسل پرستی، زینوفوبیا، اسلاموفوبیا اور نفرت انگیز تقاریر خطرناک حد تک بڑھ چکی ہے اور تعصب اور جہالت کی وجہ سے مسلمانوں کو ایسے خطرات کا سب سے زیادہ سامنا ہے۔کچھ مخصوص لوگ ہیں جنہوں نے آزادی اظہار کے نام پر نفرت آمیز بیانات کو صحیح قرار دیا۔

انہوں نے اقوام متحدہ سے مطالبہ کیا کہ 15مارچ کو نیوزی لینڈ میں مسلمانوں کے خلاف کیے گئے حملے کو اقوام متحدہ 'اسلاموفوبیا کے خلاف عالمی یکجہتی کا دن' قرار دے۔ترک صدر نے اسرائیل اور فلسطین کے درمیان تنازع پر گفتگو کرتے ہوئے کہا کہ اس مسئلے کا حل صرف جغرافیائی لحاظ سے آزاد، خود مختار فلسطینی ریاست کے قیام سے ممکن ہے جس کا دارالحکومت مشرقی یروشلم ہو۔ان کا کہنا تھا کہ چند ممالک کی جانب سے اقوام متحدہ کی قراردادوں اور عالمی قوانین کے برخلاف القدس میں سفارت خانے کھولنے کا اعلان کیا گیا ہے جس سے مسئلہ فلسطین مزید پیچیدہ ہو گیا ہے لیکن ترکی کسی بھی ایسے منصوبے کی حمایت نہیں کرے گا جس میں فلسطینی عوام کی رضامندی شامل نہ ہو۔صدر اردوان نے مشرقی بحیرہ روم کے مسئلے کو مذاکرات کے ذریعے حل کرنے کی ضرورت پر زور دیتے ہوئے کہا کہ ہم ایک علاقائی کانفرنس کے انعقاد کی تجویز پیش کر رہے ہیں جس میں خطے کے ممالک کے حقوق کو مدنظر رکھا جائے اور قبرصی ترکوں کو بھی اس میں جگہ دی جائے۔

जिले की लाइफलाइन हैं सड़कें, अविलंब क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति करायें अभियंता: जिलाधिकारी

 जिले की लाइफलाइन हैं सड़कें, अविलंब क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति करायें अभियंता: जिलाधिकारी।



अभियंताओं को प्रत्येक सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निदेश।

समाहरणालय अवस्थित कमांड एण्ड कंट्रोल में “निदान“ के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी सड़कें, चापाकल, बिजली की समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण।

काॅमन लैंडलाइन नंबर-06254-242199 एवं व्हाट्सएप नंबर-6204083522 पर दर्ज की जा सकेंगी शिकायत एवं सुझाव।

जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार ने कहा कि किसी भी गांव, शहर, जिले के विकास में अच्छी एवं गुणवतापूर्ण सड़कों की अहम भूमिका होती है। जिले की लाईफलाइन होती है सड़कें, अविलंब क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति कराकर आवागमन सुचारू कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आम जनता को अधिक से अधिक विभिन्न योजनाओं तथा सुविधाओं का लाभ मिले इसके लिए सरकार तथा जिला प्रशासन माइक्रो प्लानिंग के तहत जमीनी स्तर पर जाकर अपना कार्य कर रहा है। इसके बावजूद जिले में कुछ सड़कों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। आमजन से भी सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से संबंधित शिकायतें लगातार मिल रही है। आगामी विधानसभा निर्वाचन के अवसर पर भी पोलिंग पार्टियों तथा अन्य चुनाव अधिकारियों एवं कर्मियों को लेकर बड़े-छोटे वाहनों का आवागमन होगा। सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को आगाह किया जाता है कि अपने-अपने क्षेत्रातर्गत आने वाली प्रत्येक सड़क का वे स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की अविलंब मरम्मति करायें ताकि आमजन आवागमन में परेशनियों का सामना नहीं करना पड़े। निरीक्षण के उपरांत संबंधित प्रतिवेदन जिसमें कुल कितनी सड़क है, सडकों की लम्बाई, मरम्मति किये जाने वाले सड़कों की संख्या आदि से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध करायी जाय। जिलाधिकारी समाहरणालय सभाकक्ष में आरसीडी, आरडब्लूडी, पीएचईडी आदि से संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निदेशित कर रहे थे।


जिलाधिकारी ने कहा कि सड़कों का निर्माण एवं मरम्मति कार्य अच्छी तरीके से पूर्ण गुणवता के साथ होना चाहिए। नये सड़कों के निर्माण में कैट्स आई, डेलीनेटर, मार्किंग आदि सुव्यवस्थित तरीके से अधिष्ठापित होनी चाहिए ताकि रात्रि के समय में भी सुगमतापूर्वक आवागमन हो सके। साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्कतानुसार बाइपास सड़क के निर्माण हेतु भी सर्वें कर प्रस्ताव समर्पित करें ताकि आमजन को यातायात में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।


उन्होंने कहा कि बेतिया शहर में भ्रमण के दौरान कई स्थलों पर बीच सड़क पर पोल गड़े हुए मिले हैं, इसे अत्यंत किनारे शिफ्ट करना आवश्यक है। बीच सड़क में पोल स्थित रहने से दुर्घटना की संभावना प्रबल है, इसलिए इसे अविलंब किनारे शिफ्ट किया जाय। कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग को निदेश दिया गया कि निर्माणाधीन सड़कों को ससमय पूर्ण कर लिया जाय। सड़कों के निर्माण में प्राक्कलन तथा गुणवता का पूरा ध्यान रखा जाय। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे बनने वाली नालियों को भी अच्छी तरह से बनाया जाय ताकि जलनिकासी की समस्या नहीं रहे। कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग द्वारा बताया गया कि हरिवाटिका चौक से लेकर तीन लालटेन चौक तक का सड़क निर्माण पूर्ण हो चुका है। बानूछापर से लेकर छावनी चौक तथा अन्य सड़कों का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो जायेगा, कार्य प्रगति पर है। 


समीक्षा के क्रम में कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, नरकटियागंज द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा 49 सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया गया है जिसमें से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति का कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जायेगा। वहीं कार्यपालक अभियंता, बगहा-01 द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा 90 सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। कार्यपालक अभियंता, बगहा-02 द्वारा बताया गया कि 60 सड़कों का स्थलीय निरीक्षण पूर्ण हो गया है जिसमें से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति कार्य जारी है।


जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी सड़कें, ग्रामीण सड़कें, पीएचईडी अंतर्गत चापाकल से जुड़ी हुई विभिन्न समस्याएं एवं बिजली विभाग से जुड़ी हुई विभिन्न समस्याओं का त्वरित निराकरण करने हेतु जिलास्तर पर कमांड एण्ड कंट्रोल रूम में “निदान“ संचालित है। उक्त कार्यकारी विभाग अपने-अपने कर्मी को निदान में प्रतिनियुक्त करेंगे। निदान कंट्रोल रूम का एक अलग दो हंटिंग लाइनों सहित लैंडलाईन नंबर तथा एक काॅमन व्हाट्सएप नंबर है। काॅमन लैंडलाइन नंबर-06254-242199 एवं व्हाट्सएप नंबर-6204083522 पर जिलेवासी दर्ज उक्त समस्याओं से संबंधित शिकायत एवं सुझाव दर्ज करा सकेंगे। कमांड एण्ड कंट्रोल रूम में विभागवार लाॅगबुक का संधारण किया जाना अत्यंत ही जरूरी है। प्रत्येक काॅल्स की विस्तृत जानकारी लाॅगबुक में अंकित रहनी चाहिए। प्राप्त शिकायतों का निपटारा अविलंब कराना सुनिश्चित किया जाय। वरीय पदाधिकारी इसका साप्ताहिक अनुश्रवण एवं निरीक्षण करेंगे।

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

کلام احسن

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  • *اَزقَلم:-* _افتخـــار حسین "احســــــن"._
  • *رابطـہ نمبر.6202288565*


  • ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔
  • نبی کا جو در چھــــــوڑ کر جارہے ہیـں.
  • وہ انســــان نادم ہے پچھتـــــارہے ہیـں.

  • خدایا بچــــادے ہمیں ظــــــالموں سـے.
  • *ستم ڈھانے والــــے ستم ڈھارہے ہیــں.*

  • کہ جس نےنکالا تھاگھر سے ابھی کـــل.
  • وہ تشریف گھــــــر پر مِرے لارہے ہیــں.

  • مِری بـــــــــزم الفت میں ہر آنــــے والـے.
  • سکوں چین راحتـــــــــ سدا پارہے ہیـں.

  • خـــــــــدا ان ســـــــے ناراض ہوگا یقیناً.
  • سدا حق غریبـــوں کا جو کھارہے ہیــں.

  • خدا جانے کیســـــــا یہ دور آگیـــا ہـــے.
  • جو جاہل ہے عــالم کو سمجھارہے ہیـں.

  • سنا کرکے شعــــــرو سخن اہل دل کــو.
  • زمانے میں احســـن ابھی چھارہے ہیـں.
  • ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔

भविष्य निधि संगठन सरकारी एवं गैर सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ी राहत ऑफिस के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर रिटायर होने के अगले दिन से मिलना शुरू हो जाएगा पेंशन!

भविष्य निधि संगठन सरकारी एवं गैर सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ी राहत ऑफिस के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर रिटायर होने के अगले दिन से मिलना शुरू हो जाएगा पेंशन!


पहले सरकारी एवं गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़े परिशनीयों का सामना करना पड़ता था जब वह रिटायर होते थे तो महीनों ऑफिस ऊपर चक्कर लगाना पड़ता था उसके बाद उन्हें पेंशन का लाभ मिलता था लेकिन भविष्य निधि संगठन ने समर्पण नीति को चेंज करते हुए अपने कर्मचारियों को फायदा उन्के के लिए एक नया नियम लागू किया है जिससे कर्मचारी सिधे फायदा होगा जिस दिन रीटायर  होंगे उसके अगले दिन से ही उन्हे पेंशन का लाभ मिलना शुरु ही जायेगा इससे कर्मचारियों के काफी राहत होगी और परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा इसकी जानकारी भविष्य निधि संगठन के आयुक्त उपेंद्र प्रसाद सिंह ने दिया. अब कर्मचारी को रिटायर होने के बाद तुरंत इसका लाभ मिलेगा.

बता दें कि इस योजना के तहत आने वाले 30 सितंबर को जो कर्मचारी रिटायर होंगे, उन्‍हें उनकी पेंशन से संबंधित सारे कागज उसी दिन प्राप्‍त हो जाएंगे. उन्हें किसी तरह की दौड़-भाग नहीं करनी होगी. इसे लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय में 30 सितंबर को एक भव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसमें इस कार्यालय से संबंधित 10 जिलों में इस महीने रिटायर होनेवाले सभी कर्मचारियों को बुलाया गया है.

बता दें कि प्नाइवेट सेक्टर में 58 वर्षों में कर्मचारी रिटायर ह जाते हैं. हालांकि इसके बादउन्हें उनका वेतन अगले माह में प्राप्‍त होता है और अन्य प्रक्रिया भी बाद में होती है. इसके कारण पेंशन शुरू होने में कम-से-कम एक से दो माह से अधिक का समय लग जाता था और इसके लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती थी.

अब इस नई पहल के बाद उन्हें भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनकी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी. विभाग ने यह व्यवस्था की है कि जिस महीने में कर्मचारी रिटायर होने वाला है कंपनी से चर्चा करके उसी महीने में ही EPF ईपीएफ का अंशदान व अन्य कागजी कार्रवाई पूरी कर ली जाए, जिससे कर्मचारी को किसी तरह की असुविधा नहीं हो.

इस बारे में वाराणसी के क्षेत्री भविष्य निधि के आयुक्त उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कर्मचारियों के हित में यह नई व्‍यवस्‍था शुरू होने जा रही है.अब जिस दिन सेवानिवृत्त उसी दिन से पेंशन की पहल की योजना 30 सितंबर को शुरू होने जा रही है. इसके लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गई है. इससे निजी कंपनियों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को पेंशन के लिए इंतजार करने की अब आवश्‍यक्‍ता नहीं होगी.

Tuesday, 22 September 2020

बिहार में नियोजित शिक्षकों को का ट्रांसफर का आदेश लेकिन पुरुष शिक्षकों का ट्रांसफर अभी भी अंधकार में!

 

बिहार में नियोजित शिक्षकों को का ट्रांसफर का आदेश लेकिन पुरुष शिक्षकों का ट्रांसफर अभी भी अंधकार में!

नियोजित शिक्षकों के लिए ट्रांसफर के लिए कमेटी का गठन 4 सप्ताह में कमेटी कॉ कमेटी देगी रिपोर्ट उसके बाद हो सकेगा ट्रांसफर बिहार सरकार ने फिर से एक बार नियोजित शिक्षक को ठगने का काम किया है रकार के द्वारा बनाया गया नियमावली सन 2020 के अनुसार महिला एवं दिव्यांग के लिए डायरेक्ट ट्रांसफर हो सकेगा अंतर जिला एवं गृह जिला में लेकिन पुरुष शिक्षकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा सरकार ने फिर से निजयोजित शिक्षकों को फंसा कर गए रखने के कार्य किया है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण



न्यूज डेस्क: बिहार में नौकरी करने वाले नियोजित शिक्षकों को लेकर बड़ी घोषणा की गई हैं। यह घोषणा शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर हैं। मिली जानकारी के मुताबिक बिहार सरकार ने शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर कमिटी गठित की हैं।
खबर के मुताबिक बिहार सरकार इस कमिटी के द्वारा माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय सेवा नियमावली 2020 में शिक्षक एवं पुस्तकालय अध्यक्षों के स्थानांतरण का प्रावधान करेगा। ये कमिटी शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर गाइडलाईन तैयार करेगी। चार सप्ताह के अंदर गाइडलाईन जारी हो जायेगा। इसके बाद नियोजित शिक्षक अपना ट्रांसफर करा सकेंगे।

सरकारी आदेश के अनुसार दिव्यांग शिक्षक, महिला शिक्षक, पुस्तकालय अध्यक्ष को धारित पद के समतुल्य पद पर अंतर जिला नियोजन इकाई में स्थानांतरण की सुविधा मिलेगी।
जबकि पुरुष शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों को एक बार अंतर नियोजन इकाई पारस्परिक स्थानांतरण की सुविधा होगी।
बता दें की इसमें आरक्षण कोटि, वरीयता को ध्यान में रखकर शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश निर्गत किया जाएगा। इसको लेकर बहुत जल्द दिशा निर्देश जारी किया जायेगा। इसके बाद नियोजित शिक्षक इसका लाभ उठा सकेंगे।

سالار اردو جناب غلام سرور کی یوم ولادت بہار اسٹیٹ اردو ٹیچر س ایسوسی ایشن کیطرف سے تقریب یوم اردو منانا کا اعلان

  سالار اردو جناب غلام سرور کی یوم ولادت بہار اسٹیٹ اردو ٹیچر س ایسوسی ایشن کیطرف سے تقریب یوم اردو منانا کا اعلان   10جنوری کو منائی جائےگی...